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Birds

पाकिस्तान में लवबर्ड: प्रजातियाँ, रंगों के म्यूटेशन और देखभाल

पाकिस्तान में बिकने वाले लवबर्ड, उनके रंग माता-पिता से बच्चों तक कैसे पहुँचते हैं, बाज़ार के नामों का मतलब, और उन्हें क्या खिलाएँ, कैसे रखें और कैसे ख़रीदें।

लेखक पेट्स बाज़ार संपादकीय टीम, संपादक · प्रकाशित · 10 मिनट

एक हरा लवबर्ड, जिसका चेहरा आड़ू जैसा गुलाबी है, बिना पत्तों की एक डाल पर बैठा हुआ
अपने क़ुदरती हरे रंग में एक पीच फ़ेस लवबर्ड (peach-faced lovebird)।Photo: Charles J. Sharp, Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

लवबर्ड छोटे और निडर तोते हैं, और पाकिस्तान में सबसे ज़्यादा पाले जाने वाले पिंजरे के पक्षियों में से हैं। देश भर में शौक़ीन ब्रीडर इन्हें पालते हैं, और ये बड़े शहरों की पक्षी मंडियों में और ऑनलाइन बिकते हैं। ज़्यादातर दिलचस्पी रंगों की होती है, और ल्यूटिनो (lutino), क्रीमिनो (creamino) और स्प्लिट (split) जैसे नाम उलझा सकते हैं। यह गाइड बताती है कि यहाँ कौन-सी प्रजातियाँ मिलती हैं, रंग पीढ़ी दर पीढ़ी कैसे चलते हैं, और लवबर्ड को अच्छी तरह कैसे रखें और ख़रीदें।

पाकिस्तान में मिलने वाले लवबर्ड

पीच फ़ेस लवबर्ड (peach-faced lovebird), जिसे रोज़ी फ़ेस (rosy-faced) लवबर्ड भी कहते हैं (Agapornis roseicollis), सबसे आम है। अपने क़ुदरती रंग में इसका शरीर हरा और चेहरा आड़ू रंग का होता है, और आँख के चारों ओर सफ़ेद घेरा नहीं होता। इस प्रजाति में किसी भी दूसरे लवबर्ड से ज़्यादा रंगों के म्यूटेशन हैं, इसलिए बाज़ार में सुने जाने वाले ज़्यादातर रंगों के नाम इसी के हैं।

फ़िशर लवबर्ड (Fischer's lovebird) (Agapornis fischeri) का चेहरा नारंगी होता है और हर आँख के चारों ओर बिना पंखों वाली त्वचा का सफ़ेद घेरा होता है।

एक हरा लवबर्ड, जिसका चेहरा नारंगी, चोंच लाल और आँख के चारों ओर सफ़ेद घेरा है, काँटेदार डाल पर बैठा हुआ
अपने क़ुदरती रंग में एक फ़िशर लवबर्ड (Fischer's lovebird), जिसका चेहरा नारंगी और आँख के चारों ओर सफ़ेद घेरा है।Photo: Giles Laurent, Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मास्क्ड लवबर्ड (masked lovebird) (Agapornis personatus) को स्थानीय बाज़ार में अक्सर "पर्सोनाटा" (personata) कहते हैं। अपने क़ुदरती रंग में इसका सिर गहरे रंग का होता है और आँख के चारों ओर वैसा ही सफ़ेद घेरा होता है जैसा फ़िशर में होता है।

एक लवबर्ड, जिसका सिर काला-भूरा, चोंच लाल, आँख के चारों ओर सफ़ेद घेरा, सीना और गले का कॉलर पीला और शरीर हरा है, लकड़ी के अड्डे पर बैठा हुआ
अपने क़ुदरती रंग में एक मास्क्ड लवबर्ड (masked lovebird), जिसका सिर गहरे रंग का, आँख के चारों ओर सफ़ेद घेरा और गले पर पीला कॉलर है।Photo: Roel Balingit, Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

ब्लैक चीक्ड (black-cheeked) और न्यासा (Nyasa) लवबर्ड भी कभी-कभार दिखते हैं, लेकिन ये बहुत कम मिलते हैं।

इन समूहों को अलग-अलग पहचानने का सबसे जल्दी तरीक़ा आँख का घेरा है। घेरा न हो तो पक्षी पीच फ़ेस है। सफ़ेद घेरा हो तो पक्षी फ़िशर, मास्क्ड, इन दोनों का मिला-जुला पक्षी, या ऊपर बताई गई दुर्लभ प्रजातियों में से कोई है।

रंगों के म्यूटेशन अगली पीढ़ी तक कैसे पहुँचते हैं

रंग का म्यूटेशन (mutation) किसी एक जीन में बदलाव है जो पंखों का रंग बदल देता है। पक्षी में ज़्यादातर जीनों की दो कॉपी होती हैं, एक माँ से और एक पिता से। म्यूटेशन कैसे दिखेगा, यह उसकी क़िस्म पर निर्भर है।

  • डॉमिनेंट (dominant)। रंग दिखने के लिए एक कॉपी काफ़ी है।
  • रिसेसिव (recessive)। रंग दिखने के लिए दो कॉपी चाहिए। सिर्फ़ एक कॉपी वाला पक्षी नॉर्मल दिखता है।
  • सेक्स लिंक्ड (sex-linked)। जीन उस क्रोमोसोम पर होता है जो नर या मादा होना तय करता है, इसलिए नर और मादा को यह अलग-अलग तरीक़े से मिलता है।

जो पक्षी कोई रिसेसिव या सेक्स लिंक्ड रंग अपने अंदर रखता हो, पर दिखाता न हो, उसे स्प्लिट कहते हैं। ब्रीडर इसे तिरछी लकीर (/) से लिखते हैं, जैसे "green/blue" का मतलब है ऐसा हरा पक्षी जिसमें नीला रंग छिपा हुआ है।

पक्षियों में नर के दो Z क्रोमोसोम होते हैं और मादा का एक Z और एक W होता है। पीच फ़ेस लवबर्ड में ल्यूटिनो, ओपलाइन (opaline) और सिनेमन (cinnamon) के जीन Z पर होते हैं। मादा में एक ही Z होता है, इसलिए उसमें रंग दिखने के लिए एक कॉपी काफ़ी है। इसीलिए सेक्स लिंक्ड म्यूटेशन में मादा कभी स्प्लिट नहीं हो सकती। या तो उसमें रंग दिखता है, या उसमें यह जीन होता ही नहीं। नर में रंग दिखने के लिए दो कॉपी चाहिए, इसलिए नर स्प्लिट हो सकता है।

इससे ब्रीडरों को काम का एक नियम मिलता है। जो नर ल्यूटिनो का स्प्लिट हो, उसका जोड़ा नॉर्मल मादा से बनाइए, तो मादा बच्चों में से लगभग आधे ल्यूटिनो होंगे। नर बच्चे सब नॉर्मल दिखेंगे, लेकिन उनमें से लगभग आधे स्प्लिट होंगे।

पीच फ़ेस लवबर्ड के म्यूटेशन

क़ुदरती रंग का पक्षी हरा होता है और उसका चेहरा आड़ू रंग का। ब्रीडर उसे "नॉर्मल" (normal) या "ग्रीन" (green) कहते हैं। ये वे म्यूटेशन हैं जो आपको सबसे ज़्यादा देखने को मिलेंगे।

एक प्लेट पर दो लवबर्ड। बाईं ओर वाला हरा है और उसका चेहरा लाल है, और दाईं ओर वाला पीला है और उसका चेहरा भी लाल है
दाईं ओर ल्यूटिनो (lutino) पीच फ़ेस लवबर्ड है, जो पीला है और उसका चेहरा लाल है। बाईं ओर वाला पक्षी क़ुदरती हरे रंग का है।Photo: Peter Békési, Wikimedia Commons, CC BY-SA 2.0
  • ल्यूटिनो। सेक्स लिंक्ड। शरीर पीला हो जाता है, चेहरा लाल-गुलाबी ही रहता है, और आँखें लाल होती हैं।
  • ओपलाइन। सेक्स लिंक्ड। चेहरे का रंग पीछे सिर पर फैल जाता है।
  • सिनेमन। सेक्स लिंक्ड। रंगों में हल्की भूरी झलक आ जाती है।
  • एक्वा (aqua)। इसे डच ब्लू (Dutch blue) भी कहते हैं। रिसेसिव। शरीर हल्का नीला-हरा हो जाता है, और चेहरा हल्का आड़ू या क्रीम रंग का रहता है।
  • टर्क्वॉइज़ (turquoise)। इसे व्हाइटफ़ेस ब्लू (whiteface blue) भी कहते हैं। रिसेसिव। शरीर नीला-हरा और चेहरा सफ़ेद हो जाता है।
  • क्रीमिनो। ल्यूटिनो के साथ एक्वा या टर्क्वॉइज़ मिल जाए, तो लाल आँखों वाला क्रीम रंग का पक्षी बनता है।
  • डार्क फ़ैक्टर (dark factor)। एक कॉपी से जेड (jade) यानी गहरा हरा पक्षी बनता है, और दो कॉपी से ऑलिव (olive)।
  • वायलेट फ़ैक्टर (violet factor)। डॉमिनेंट। यह रंग में बैंगनी झलक डालता है।
  • पाइड (pied)। इसके डॉमिनेंट और रिसेसिव दोनों रूप होते हैं। हरे रंग के बीच पीले धब्बे होते हैं।
  • ऑरेंज फ़ेस (orange-face)। रिसेसिव। चेहरा आड़ू रंग की जगह नारंगी होता है।
एक हरा लवबर्ड, जिसके चेहरे का लाल रंग पूरे सिर पर फैला है, पिंजरे के फ़र्श पर बिखरे बीजों के पास खड़ा
ओपलाइन (opaline) पीच फ़ेस लवबर्ड। चेहरे का लाल रंग पीछे पूरे सिर पर फैल गया है।Photo: Roel Balingit, Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0
एक लवबर्ड, जिसका चेहरा लाल-गुलाबी है और शरीर पर पीले और हरे धब्बे हैं, लकड़ी के अड्डे पर बैठा हुआ
पाइड (pied) पीच फ़ेस लवबर्ड, जिसके हरे रंग के बीच पीले धब्बे हैं।Photo: Roel Balingit, Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0
एक हरा लवबर्ड, जिसका माथा नारंगी और चेहरा और गला पीला-नारंगी है, लकड़ी के अड्डे पर बैठा हुआ
ऑरेंज फ़ेस (orange-face) पीच फ़ेस लवबर्ड। इसका चेहरा आड़ू रंग की जगह नारंगी और पीला है।Photo: Roel Balingit, Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

पीच फ़ेस लवबर्ड में असली नीला रंग नहीं होता। एक्वा और टर्क्वॉइज़ को "पारब्लू" (parblue) रंग कहते हैं, क्योंकि पंखों में कुछ पीला रंग रह जाता है। इसी से क्रीमिनो की बात भी समझ आती है। बेचने वाले इसे अक्सर "एल्बिनो" (albino) कहते हैं, लेकिन इस प्रजाति में पूरी तरह सफ़ेद एल्बिनो होता ही नहीं।

एक हल्का हरा लवबर्ड, जिसका माथा नारंगी और चेहरा हल्का क्रीम रंग का है
एक्वा (aqua) पीच फ़ेस लवबर्ड। शरीर हल्का नीला-हरा और चेहरा हल्का क्रीम रंग का है।Photo: Ferran Pestaña, Wikimedia Commons, CC BY-SA 2.0
एक नीला लवबर्ड, जिसका चेहरा सफ़ेद, चोंच हल्के रंग की और पंख नीले-हरे हैं, एक डाल पर बैठा हुआ
टर्क्वॉइज़ (turquoise) या व्हाइटफ़ेस ब्लू (whiteface blue) पीच फ़ेस लवबर्ड। चेहरा सफ़ेद और शरीर नीला-हरा है।Photo: Sergi Bio, Wikimedia Commons, public domain
एक हल्का क्रीमी पीला लवबर्ड, जिसका चेहरा क्रीमी सफ़ेद और चोंच हल्के रंग की है
क्रीमिनो (creamino) पीच फ़ेस लवबर्ड। पूरा पक्षी हल्के क्रीम रंग का है और चेहरा उससे भी हल्का है।Photo: Ferran Pestaña, Flickr, CC BY-SA 2.0

म्यूटेशन आपस में मिल सकते हैं, इसलिए एक पक्षी एक साथ ओपलाइन, टर्क्वॉइज़ और पाइड हो सकता है। लंबे नाम का मतलब यह नहीं कि पक्षी ज़्यादा अच्छा या ज़्यादा सेहतमंद है।

एक बैंगनी-नीला लवबर्ड, जिसका चेहरा सफ़ेद और चोंच गुलाबी है, लकड़ी के अड्डे पर बैठा हुआ
एक पीच फ़ेस लवबर्ड में दो रंग एक साथ: सफ़ेद चेहरा और बैंगनी-नीले पंख। ब्रीडर इसे व्हाइट फ़ेस वायलेट (white face violet) कहते हैं।Photo: Roel Balingit, Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

फ़िशर और मास्क्ड लवबर्ड के म्यूटेशन

आँख के घेरे वाली प्रजातियों के अपने रंग हैं। कुछ के नाम पीच फ़ेस रंगों जैसे हैं, लेकिन ये अगली पीढ़ी में अलग तरीक़े से जाते हैं।

एक नीला लवबर्ड, जिसका सिर क्रीमी सफ़ेद और चोंच गुलाबी है, एक डाल पर बैठा हुआ
ब्लू (blue) फ़िशर लवबर्ड। चेहरा हल्के रंग का है और शरीर हरे की जगह नीला है।Photo: HLI-Photography, Wikimedia Commons, CC0
एक लवबर्ड की क़रीब से तस्वीर, जिसका सिर गहरा सलेटी, आँख के चारों ओर सफ़ेद घेरा, चोंच गुलाबी और गले का कॉलर सफ़ेद है
ब्लू (blue) मास्क्ड लवबर्ड। क़ुदरती रंग वाले पक्षी का कॉलर पीला होता है, जबकि इसका कॉलर सफ़ेद है।Photo: Jmunu, Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0
  • ब्लू (blue)। रिसेसिव। यह असली नीला रंग है। क़ुदरती रंग वाले मास्क्ड लवबर्ड में जो हिस्से पीले होते हैं, वे नीले मास्क्ड लवबर्ड में सफ़ेद होते हैं, और नीले फ़िशर का चेहरा हल्के रंग का होता है।
  • ल्यूटिनो। यहाँ यह रिसेसिव है, सेक्स लिंक्ड नहीं, और पीच फ़ेस ल्यूटिनो से यही सबसे बड़ा फ़र्क़ है।
  • एल्बिनो। ल्यूटिनो के साथ ब्लू मिल जाए, तो लाल आँखों वाला सफ़ेद पक्षी बनता है। इन प्रजातियों में असली सफ़ेद पक्षी मुमकिन है।
  • डार्क फ़ैक्टर। ब्लू सीरीज़ में एक कॉपी से कोबाल्ट (cobalt) और दो कॉपी से मॉव (mauve) बनता है।
  • वायलेट (violet)। डॉमिनेंट। पीच फ़ेस की तरह यह भी बैंगनी झलक डालता है।
  • डाइल्यूट (dilute)। रिसेसिव। पूरा पक्षी हल्के रंग का होता है।
  • यूविंग (euwing)। इस नाम से बिकने वाला हल्के रंग का पक्षी। सब ब्रीडर यह नाम एक ही मतलब में नहीं बोलते, इसलिए पूछिए कि माता-पिता की ब्रीडिंग कैसे हुई।
  • पाइड। डॉमिनेंट। शरीर के रंग में जगह-जगह हल्के रंग के धब्बे होते हैं।

मिले-जुले पक्षी (हाइब्रिड)

फ़िशर और मास्क्ड लवबर्ड आसानी से आपस में जोड़ा बना लेते हैं, और उनके बच्चे आगे बच्चे पैदा कर सकते हैं। बरसों के दौरान बाज़ार के बहुत-से घेरे वाले पक्षी मिले-जुले हो चुके हैं। फ़िशर कहकर बेचे गए नीले पक्षी में मास्क्ड का ख़ून हो सकता है, और पर्सोनाटा में फ़िशर के जीन हो सकते हैं।

घास पर एक लवबर्ड, जिसका सिर गहरे रंग का, चोंच लाल, आँख के चारों ओर सफ़ेद घेरा, सीना नारंगी-पीला और शरीर हरा है
फ़िशर और मास्क्ड लवबर्ड का मिला-जुला पक्षी, यानी हाइब्रिड (hybrid), जिसका सिर गहरे रंग का और सीना नारंगी-पीला है।Photo: krisprachant, Wikimedia Commons, CC BY 2.0

शौक़ से पक्षी पालने वाले के लिए इससे कुछ ख़ास फ़र्क़ नहीं पड़ता, क्योंकि मिला-जुला पक्षी भी सेहतमंद और सधा हुआ हो सकता है। ब्रीडर के लिए यह बहुत अहम है। मिले-जुले पक्षियों से रंगों का अंदाज़ा लगाना मुश्किल हो जाता है, और किसी जोड़े के बच्चे माता-पिता दोनों से अलग निकल सकते हैं। रंग के लिए ब्रीडिंग करनी हो तो पूछिए कि माता-पिता की ब्रीडिंग कैसे हुई, और कुछ हैरान करने वाले नतीजों के लिए तैयार रहिए।

बाज़ार में सुने जाने वाले नाम

पाकिस्तान में बेचने वाले ज़्यादातर अंग्रेज़ी व्यापारिक नाम इस्तेमाल करते हैं। आम नाम ये हैं।

  • पर्सोनाटा। मास्क्ड लवबर्ड।
  • ल्यूटिनो। लाल आँखों वाला पीला पक्षी।
  • क्रीमिनो। लाल आँखों वाला क्रीम रंग का पीच फ़ेस पक्षी।
  • एल्बिनो। घेरे वाली प्रजातियों में लाल आँखों वाला सफ़ेद पक्षी। पीच फ़ेस पक्षी के लिए यह शब्द आम तौर पर क्रीमिनो के मतलब में बोला जाता है।
  • एक्वा या डच ब्लू। नीला-हरा पीच फ़ेस पक्षी, जिसका चेहरा हल्का आड़ू या क्रीम रंग का हो।
  • टर्क्वॉइज़ या व्हाइटफ़ेस। नीला-हरा पीच फ़ेस पक्षी, जिसका चेहरा सफ़ेद हो।
  • जेड, ऑलिव, कोबाल्ट और मॉव। एक या दो डार्क फ़ैक्टर वाले पक्षी।
  • ओपलाइन। पीच फ़ेस पक्षी, जिसके चेहरे का रंग सिर पर फैला हो।
  • यूविंग। घेरे वाली प्रजातियों का हल्के रंग का पक्षी। पूछिए कि माता-पिता की ब्रीडिंग कैसे हुई।
  • स्प्लिट। वह पक्षी जिसमें कोई रंग छिपा हो। इसे तिरछी लकीर (/) से लिखते हैं।

पाकिस्तान के मौसम में खाना और रहने की जगह

अच्छे पेलेट्स (pellets) या बीजों के मिक्स से शुरू कीजिए, जिसमें बाजरा और कंगनी जैसे बीज (millets), कैनरी सीड और थोड़ा-सा सूरजमुखी का बीज हो। सिर्फ़ बीज काफ़ी नहीं, इसलिए रोज़ ताज़ा खाना भी दीजिए। लवबर्ड गाजर, खीरा, बीज निकाला हुआ सेब, अमरूद और अंकुरित चने या मूँग शौक़ से खाते हैं। बचा हुआ ताज़ा खाना बासी होने से पहले हटा दीजिए।

कैल्शियम के लिए कटलबोन (cuttlebone) या मिनरल ब्लॉक दीजिए, जिसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत अंडे देने वाली मादा को होती है। रोज़ पानी बदलिए। एवोकाडो, चॉकलेट, नमकीन खाना, कैफ़ीन या प्याज़ कभी न दीजिए।

जोड़े को कम से कम 80 सेंटीमीटर लंबा पिंजरा चाहिए, और इससे लंबा हो तो बेहतर है, ताकि पक्षी एक अड्डे से दूसरे अड्डे तक उड़ सकें। लवबर्ड बहुत ज़ोर से कुतरते हैं, इसलिए सुरक्षित लकड़ी के अड्डे और खिलौने दीजिए, और उन्हें बार-बार बदलने के लिए तैयार रहिए।

अच्छी देखभाल से लवबर्ड 10 से 15 साल जी सकते हैं। अगर मालिक रोज़ उसे वक़्त दे, तो अकेला लवबर्ड भी अच्छी ज़िंदगी जी सकता है। यह ख़याल कि लवबर्ड अपने साथी के बिना मर जाता है, बस एक भ्रम है।

यहाँ गर्मी सबसे बड़ा ख़तरा है। पिंजरा दोपहर की सीधी धूप से दूर, छाया में और हवादार जगह पर रखिए, और दिन में एक से ज़्यादा बार पानी देखिए। उत्तरी इलाक़ों में सर्दियों की रातों में पिंजरे का कुछ हिस्सा ढक दीजिए और उसे ठंडी हवा के झोंकों से बचाइए।

पक्षियों को रसोई से दूर रखिए। नॉन-स्टिक बर्तन (जिस पर PTFE की कोटिंग होती है) ज़्यादा गर्म हो जाए, तो उसका धुआँ पक्षी की जान ले सकता है।

सेहत

सिर्फ़ पूरे और साफ़ पंखों वाले पक्षी ख़रीदिए। सिटैसिन बीक एंड फ़ेदर डिज़ीज़ (psittacine beak and feather disease), जिसे PBFD कहते हैं, ग़ायब, टूटे या बिगड़े हुए पंखों और चोंच की समस्याओं के रूप में दिखती है। इसका कोई इलाज नहीं है और यह एक पक्षी से दूसरे को लगती है। हो सकता है कि पक्षी में इसका वायरस हो और फिर भी वह बिल्कुल ठीक दिखे, इसलिए नए पक्षियों का पशु डॉक्टर से टेस्ट करवाइए।

हर नए पक्षी को लगभग 30 दिन अलग कमरे में, अपने बाक़ी पक्षियों से दूर रखिए। उसका दाना-पानी और सफ़ाई सबसे आख़िर में कीजिए।

सिटैकोसिस (psittacosis) एक संक्रमण है जो पक्षियों से इंसानों को लग सकता है। पिंजरा साफ़ करने के बाद हाथ धोइए। पक्षी ख़रीदने के बाद बुख़ार या खाँसी हो जाए तो डॉक्टर को दिखाइए और बताइए कि आप पक्षी रखते हैं।

बीमार पक्षी पंख फुलाकर बैठता है, बहुत सोता है और उसका पिछला हिस्सा (वेंट) गंदा होता है। पक्षी बीमारी अच्छी तरह छिपाते हैं, इसलिए जिस पक्षी में ये लक्षण दिखें, हो सकता है वह पहले ही काफ़ी बीमार हो। उसे बिना देर किए पक्षियों के डॉक्टर (avian vet) के पास ले जाइए।

नर और मादा की पहचान, और ब्रीडिंग

इन प्रजातियों में नर और मादा एक जैसे दिखते हैं। इन्हें पहचानने का पक्का तरीक़ा DNA टेस्ट है। इसके लिए एक पंख या ख़ून की एक बूँद चाहिए, और पशु डॉक्टर या लैब इसका इंतज़ाम कर सकते हैं। यह इसलिए अहम है कि साथ रखी गई दो मादाएँ अक्सर जोड़े की तरह रहती हैं। दोनों अंडे दे सकती हैं, लेकिन उन अंडों से कभी बच्चे नहीं निकलते।

ब्रीडिंग के लिए जोड़े को घोंसले का लकड़ी का डिब्बा (nest box) और घोंसले का सामान चाहिए। पीच फ़ेस मादा छाल या खजूर के पत्ते की पट्टियाँ अपनी पीठ के पंखों में खोंसकर लाती है। फ़िशर और मास्क्ड मादाएँ इन्हें चोंच में लाती हैं। दोनों ही तरह से घोंसला मादा ख़ुद बनाती है। बहुत-से ब्रीडर सबसे गर्म महीनों में अपने जोड़ों को ब्रीडिंग से आराम देते हैं।

क़रीबी रिश्तेदारों का जोड़ा मत बनाइए। म्यूटेशन की ब्रीडिंग में लोग रंग जल्दी पक्का करने के लिए पक्षी का जोड़ा उसके भाई, बहन या माता-पिता से बनाने की सोचते हैं। इसकी जगह बाहर से ऐसे पक्षी लाइए जिनसे इनका कोई रिश्ता न हो।

Pets Bazar पर लवबर्ड ख़रीदना

Pets Bazar एक मार्केटप्लेस है जहाँ बेचने वाले अपने पक्षियों के विज्ञापन ख़ुद लगाते हैं और अपनी क़ीमत ख़ुद माँगते हैं। जब साइट पर लवबर्ड के काफ़ी विज्ञापन हों, तो नीचे क़ीमतों की पट्टी (अंग्रेज़ी में) दिखाती है कि बेचने वाले इस वक़्त क्या माँग रहे हैं।

सेहतमंद लवबर्ड की आँखें चमकदार, साँस बिना आवाज़ की, वेंट साफ़ और पंख पूरे होते हैं। पूछिए कि वह क्या खाता रहा है, और शुरू में वही खाना दीजिए।

रंगे हुए पक्षियों से सावधान रहिए, क्योंकि आम पक्षियों को कभी-कभी रंगकर दुर्लभ रंग बताकर बेचा जाता है। असली रंग पंखों की जड़ तक क़ुदरती दिखता है और रगड़ने से नहीं उतरता।

Pets Bazar पर सभी बिक्री के लिए लवबर्ड देखिए। पैसे देने से पहले हमारी गाइड पाकिस्तान में सुरक्षित तरीक़े से जानवर ख़रीदना (अंग्रेज़ी में) पढ़िए, और पहली जाँच के लिए अपने पास का पशु क्लिनिक ढूँढ़िए।

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